Indian Art
Indian Folk Dance
Statue of Ganesh Ji
Holy Statue India
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मन्दिर प्रबंधन

परिचय

मंदिर भारतीय संस्कृति का अभिनव एवं अभिन्न अंग है| ये ऐसी संस्था है जहां न केवल पूजा-अर्चना के कार्य निष्पादित होते हैं अपितु भारतीय समाज के उत्सवों एवं अनुष्ठानों को भी संचालित किया जाता है| युगों-युगों से चली आ रही भारतीय परम्पराएं जिनमें शुचिता, योग साधना , आचारशुद्धि, त्याग, तपस्या, आस्था, अपरिग्रह एवं सर्वपंथ समभाव के भाव निहित हैं , को मूर्त रूप देने की आनुष्ठानिक प्रक्रिया इन धार्मिक संस्थाओं के माध्यम से सम्पादित होती है| सरकार द्वारा जब इस बात को अनुभव किया गया कि किसी मंदिर विशेष की व्यवस्था में लोकतान्त्रिक परम्परा का निर्वाह हो सके इसलिए ‘हिमाचल प्रदेश हिंदू सार्वजनिक धार्मिक संस्थान एवं पूर्त विन्यास अधिनियम-1984’ के अधीन उन मंदिरों का प्रबंध सरकार के नियंत्रण में लिया गया है जिसका प्रबंध जिलाधीश की अध्यक्षता में गठित न्यास द्वारा किया जाता है| न्यास के अधीन कुछ मंदिरों के मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं| ‘हिमाचल प्रदेश हिंदू सार्वजनिक धार्मिक संस्थान एवं पूर्त विन्यास अधिनियम-1984’ के अंतर्गत अधिग्रहीत मंदिरों की प्रबंध व्यवस्था में सुधार के उदेश्य से जुलाई 2008 में श्री के.सी.शर्मा भा.प्र.से. (सेवानिवृत) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था| इस समिति ने निम्नलिखित विषयों पर प्रतिवेदन तैयार किया|

  1. हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार मंदिरों की व्यवस्था|
  2. प्रबंध व्यवस्था में सुधार तथा यात्रियों के लिए अधिक से अधिक सुविधाएं |
  3. अधिनियम तथा नियमों में आवश्यक संशोधन|
  4. पूजा-अर्चना एवं रख-रखाव मंदिर अनुदान योजना |

उच्च स्तरीय समिति द्वारा इस सम्बंध में तैयार 344 पृष्ठों का प्रतिवेदन 18 जुलाई, 2009 को माननीय मुख्यमंत्री महोदय को सौंप दिया गया है|